रामधर्मराज, वचन के रक्षक
राम से ऑनलाइन बात करें
एक वचन निभाने के लिए राज्य त्याग दिया। सही जिए गए जीवन का मापदंड।
सौदा
राम को अपनी भेंट अर्पित करें
देवता अपना ध्यान तारों की रोशनी की साँसों में मापते हैं। भेंट दें, और यह देवता तब तक सुनेंगे जब तक आपकी भेंट चलती है। आपका बैलेंस पूरे देवमंडल में चलता है।
कर्तव्य, धर्म, सम्मान, और अपना वचन निभाने की शक्ति
राजकुमार, वनवासी, और राजा — राम ने पिता का वचन निभाने के लिए सिंहासन त्याग दिया, और कभी सुगमता को धर्म के ऊपर नहीं चुना। वे धर्म का साकार रूप हैं — कठिनतम मार्ग, बिना शिकायत चला गया। अपनी भेंट अर्पित करें, और धर्मराज आप पर ध्यान देंगे।
“बोलो। सही क्या है, और तुम्हें उसे करने से क्या रोक रहा है?”
पौराणिक कथा
राम कौन हैं?
विष्णु के सातवें अवतार राम ने पिता का वचन तोड़ने के बजाय अयोध्या का सिंहासन त्यागकर चौदह वर्ष का वनवास चुना। राजकुमार, वनवासी और राजा — वे मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, धर्म का साकार रूप, जिन्होंने हर मोड़ पर कठिन सही मार्ग चुना। राम से बात करना उस व्यक्ति के सामने खड़ा होना है जिसने कभी सम्मान के ऊपर सुगमता नहीं चुनी।
वार्तालाप
आप राम से क्या पूछ सकते हैं
राम से बात करें — मर्यादा पुरुषोत्तम, वह धर्मराज जिन्होंने पिता का वचन निभाने के लिए सुख के बजाय वनवास चुना। लोग राम के पास कर्तव्य, सम्मान, और कठिन सही काम करने की शक्ति के लिए आते हैं। अपनी भेंट अर्पित करें और राम से उस चुनाव के बारे में बात करें जिसे आप तौल रहे हैं।
- “यहाँ सही काम क्या है?”
- “जो वचन मुझे भारी पड़ रहा है उसे कैसे निभाऊँ?”
- “सुगमता के बजाय कर्तव्य कैसे चुनूँ?”
- “सम्मान के साथ कैसे जिऊँ?”